UP News: संसद के सुरक्षा मॉडल को अपनाया, विधानसभा में गाड़ियों की एंट्री के लिए बनाए गए सख्त नियम

UP Vidhan Sabha: उत्तर प्रदेश विधानसभा में सुरक्षा के लिए सख्त नियम बनाए गए हैं. दरअसल, इस पूरे मामले पर विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि विधानसभा, वाहनों के प्रवेश के नियमों को कड़ा कर रही है. और फर्जी पास के प्रयोग रोकने के लिए संसद के सुरक्षा मॉडल को अपनाया जा रहा है.
आपको बता दें कि प्रश्नकाल के समापन के बाद महाना ने कहा कि अनधिकृत वाहन पास बनाए जा रहे हैं. और उनका दुरुपयोग किया जा रहा है, जिससे सुरक्षा को गंभीर खतरा है.
सतीश महाना ने इस बात पर जोर दिया कि वाहन पास जारी करना और उनका उचित उपयोग सभी सदस्यों की जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा, ‘‘हमारे संज्ञान में आया है कि विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी किए गए पासों के साथ छेड़छाड़ करके फर्जी वाहन पास बनाए जा रहे हैं. यह एक गंभीर सुरक्षा चिंता का विषय है, और मामले को जांच के लिए राज्य के क्रय विभाग को भेज दिया गया है.’’
बजट सत्र के समापन पर सदन को संबोधित करते हुए महाना ने कहा, “हमारी विचारधाराएं भिन्न हो सकती हैं, हमारे मत अलग हो सकते हैं, लेकिन हम सभी का उद्देश्य एक ही है – जनसेवा. जनता अब पहले से अधिक जागरूक है और अपने प्रतिनिधियों से जानना चाहती है कि उन्होंने उनके लिए क्या कार्य किए हैं.”
सदन का आधिकारिक मोबाइल ऐप हुआ लॉन्च
विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि पहले विधानसभा की कार्यवाही को लेकर नकारात्मक चर्चाएं अधिक होती थीं. लेकिन अब परिस्थितियां बदली हैं. अब मतदाता यह तक जानने को उत्सुक रहते हैं कि उनका प्रतिनिधि सदन में कहां बैठा था और किन मुद्दों पर उसने अपनी आवाज बुलंद की.
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि सदन का आधिकारिक मोबाइल ऐप लॉन्च हो चुका है, जिसमें इसकी स्थापना से लेकर अब तक के सभी महत्वपूर्ण भाषण एवं जानकारियां उपलब्ध हैं.
विधानसभा अध्यक्ष ने विधायकों से आग्रह किया कि वे इस ऐप का अवश्य उपयोग करें और अपने क्षेत्र की जनता को विधानसभा का भ्रमण कराकर इसकी कार्यप्रणाली से परिचित कराएं, जिससे विधायिका के प्रति जनमानस का दृष्टिकोण और अधिक सकारात्मक बन सके.
उन्होंने यह भी घोषणा की कि आगामी वित्तीय वर्ष में उत्तर प्रदेश विधानसभा को एआई से लैस किया जाएगा, जिससे प्रत्येक विधायक की संपूर्ण जानकारी डिजिटल माध्यम से उपलब्ध होगी.