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जामुन का फल ही नहीं, गुठली भी बहुत फायदेमंद, इन बिमारियों में मिलता है फायदा

गार्मियों और बरसात के मौसम में एक ऐसा फल आता है जो देखने में तो छोटा सा होता है लेकिन उसकी बहुत सी खूबियां होती हैं। ये है जामुनी रंग का जामुन जिसका मीठा, कसैला स्वाद सभी को अपना दीवाना बना लेता है। आयुर्वेद के अनुसार जामुन के बहुत सारे औषधीय गुण होते हैं। आयुर्वेद में जामुन को डायबिटीज के कंट्रोल के लिए बेहद फायदेमंद माना गया है। इसके साथ ही जामुन पाचन को बेहतर बनाने से लेकर किडनी स्टोन के इलाज में भी बहुत फायदेमंद माना जाता है।

पथरी में फायदेमंद :

पथरी का किडनी स्टोन की समस्या भी आजकल बहुत कॉमन हो गयी है। इसमें आराम दिलाने में भी जामुन बहुत फायदेमंद साबित होता है। ऐसा कहा जाता है कि पके हुए जामुन के फल को खाने से पथरी गल कर निकल जाती है।  इसके साथ ही जामुन के 10 मिली रस में थोड़ा सा सेंधा नमक मिला लें। कुछ दिनों तक दिन में 2-3 बार रोज पीने से यूरिनरी ट्रैक में फंसी हुई पथरी टूटकर पेशाब के साथ बाहर निकल जाती है।

डायबिटीज में फायदेमंद :

बहुत सारी स्टडीज बताती हैं कि जामुन में हाइपोग्लाइसिमिक गुण पाए जाते हैं। इसका नियमित सेवन ब्लड शुगर को 30 प्रतिशत तक कम करने में फायदेमंद साबित होता है। जामुन के बीज में अल्केलॉइड्स होते हैं जो ब्लड सुगर घटाने में मददगार साबित होते हैं। जामुन की गुठली के पाउडर का सेवन डायबिटीज की समस्या से आराम दिलाने और ब्लड शुगर को कम करने में मददगार होता है। अगर आप डायबिटीज की दवाओं का सेवन कर भी रहे हैं, तब भी जामुन की गुठली के पाउडर का सेवन आप कर सकते हैं।

बवासीर या पाइल्स में फायदेमंद :

पाइल्स एक ऐसी समस्या है जो किसी को भी परेशान कर सकती है। मल के साथ होने वाला दर्द और खून बहुत परेशानी का कारण बन सकता है। पाइल्स होने पर जामुन के फूलों के 20 मिली रस में थोड़ी-सी शक्कर मिला लें। इसे दिन में तीन बार पीने से पाइल्स से बहने वाला खून बन्द हो जाता है।

इसके साथ ही 10 ग्राम जामुनके पत्तों को 250 मिली गाय के दूध में अच्छे से मिलाकर पीना भी पाइल्स की समस्या दूर करने में असरदार साबित होता है। लगातार सात दिनों तक दिन में 3 बार पीने से बवासीर में बहने वाला खून बन्द हो जाता है।

डिसेंट्री में आराम :

डिसेंट्री जिसे पेचिश भी कहा जाता है, पेट की ऐसी समस्या है जहां मल के साथ खून आने लगता है। ये बेहद दर्दनाक समस्या होती है। इससे आराम दिलाने के लिए भी जामुन का इस्तेमाल किया जा सकता है। जामुन की छाल का रस निकाल लें और इसे बराबर मात्रा में बकरी के दूध के साथ पियें। इससे डिसेंट्री में आराम मिलता है।

इसके अलावा जामुनके पेड़ की 10 ग्राम छाल को 500 मिली पानी में पकाएं। जब यह एक चौथाई बच जाए तो पिएं। इससे भी डिसेंट्री में आराम मिलता है। यह काढ़ा 20-30 मिली की मात्रा में दिन में 2 से 3 बार पीना चाहिए। ये पेट से जुड़ी समस्याओं के लिए बहुत फायदेमंद है।

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