Lucknow News: बेनामी सम्पत्तियों में काली कमाई खपाने वाले रखूखदार रडार पर
आयकर की बेनामी निषेध यूनिट ने निबंधन विभाग से मांगा ब्योरा, फेहरिस्त में कई बड़े नाम शामिल

Sandesh Wahak Digital Desk: पिछले कुछ वर्षों में राजधानी में बेनामी सम्पत्तियों की खरीद फरोख्त में तेजी से इजाफा हुआ है। इस फेहरिस्त में अफसरों, इंजीनियरों और नेताओं से लेकर कई बड़े पूंजीपति गु्रप भी शामिल हैं।
लखनऊ के एक समूह का कच्चा चिट्ठा पहले से सोशल मीडिया पर वायरल है। जिसको देखते हुए आयकर विभाग की बेनामी निषेध यूनिट के अफसरों की पैनी नजरें काली कमाई को सफेद करने वालों पर गड़ गयीं हैं। इसको देखते हुए आयकर विभाग ने निबंधन विभाग से पूरा ब्यौरा तलब किया है। वहीं एलडीए द्वारा भेजे गए करीब ढाई सौ लोगों के विवरण पर आयकर ने जांच शुरू की है।
दरअसल जमीनों के खेल में बड़े पैमाने पर काली कमाई खपाकर सफेद कराने का खेल लखनऊ में तेजी पकड़ रहा है। इसको देखते हुए निबंधन विभाग को आयकर विभाग की लखनऊ स्थित बेनामी निषेध इकाई (बीपीयू) ने जो पत्र भेजकर रजिस्ट्रियां कराने वालों का विवरण मांगा है। उसमें बाकायदा कई बड़े नाम भी बताये जा रहे हैं।
50 से ज्यादा रसूखदारों के नामों की सूची तैयार
माना जा रहा है कि दिल्ली मुख्यालय से निर्देश मिलने के बाद आयकर की इस यूनिट ने 50 से ज्यादा रसूखदारों के नामों की सूची बनाकर जांच आंतरिक तौर पर शुरू की है। निबंधन विभाग से जानकारियां आने के बाद आयकर अफसर बेनामी सम्पत्तियों का मिलाने करके जांच आगे बढ़ाएंगे। जिसके बाद कई दिग्गजों की सांसें अटकनी तय हैं। इनमें कई आईएएस भी शामिल हैं। फिलहाल दो रसूखदार आईएएस अफसरों का नाम ज्यादा सुर्खिंयों में है। जिनमें से एक निलंबित हो चुका है।
वहीं दूसरे के ऊपर करोड़ों की बेनामी सम्पत्तियों से जुड़े होने का आरोप हाल में लगा है। बाकायदा आयकर अफसरों ने उन सम्पत्तियों की डिटेल भी निबंधन विभाग को भेजी है। सम्पत्तियां प्रमाणित होने पर जब्त भी किया जाना तय है। निबंधन विभाग के एक उप निबंधक के मुताबिक करीब डेढ़ दर्जन सम्पत्तियों का ब्यौरा सिर्फ उनसे मांगा गया है।
15 हजार करोड़ के घोटाले पर जांच शुरू
सोशल मीडिया पर एक ग्रुप के 15 हजार करोड़ के महाघोटाले का मामला बेहद तेजी से वायरल हो रहा है। इस ग्रुप ने नौकरों के नाम अरबों की जमीनें वर्षों पहले खरीदी थी। उन्हें अब दूसरों के नाम कराया जा रहा है। जिसकी शिकायतें वित्त मंत्री से लेकर आयकर व ईडी से की गयी है। नौकरों को आयकर ने करोड़ों की जमीनें खरीदने पर नोटिस भी भेजा है। आयकर अफसरों की खास नजरें इसी मामले पर हैं। जिसमें जांच तेज होने जा रही है। नौकरों के दो-दो पैन कार्ड और बैंकों में फर्जी खातें खोलकर फर्जीवाड़ा अंजाम दिया गया है।
हर माह दस लोगों का ब्यौरा भेजा जा रहा: निबंधन विभाग
निबंधन विभाग के अफसरों के मुताबिक जिसका भी ब्यौरा आयकर ने मांगा है। उसे कम्पाइल करके भेजा जा रहा है। जितनी रजिस्ट्रियां कराई जाती हैं। सभी का विस्तृत डेटा विभाग की वेबसाइट पर मौजूद है। परिवारीजनों का भी विवरण साथ में आयकर की बेनामी यूनिट को भेजा जाएगा। हर माह दस लोगों का ब्यौरा पहले से भेजा जा रहा है।
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