भारतीय पासपोर्ट के बारे में कितना जानते हैं आप? जानें इसके अलग-अलग रंगों की क्या है पहचान

विदेशी धरती पर कदम रखने वाले प्रत्येक शख़्स के लिए पासपोर्ट पहचान पत्र के तौर पर सबसे ज़रूरी डॉक्यूमेंट होता है।

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प्रतीकात्मक चित्र

नई दिल्ली। अगर आपको किसी दूसरे देश यानी भारत के अलावा विदेश जाना है तो आपको भारतीय पासपोर्ट की जरुरत होती है। अगर आपने कभी भारतीय पासपोर्ट देखे हों तो पाएंगे कि ये 3 अलग-अलग रंगों के होते हैं। भारतीय पासपोर्ट नीले, सफ़ेद और मरून रंगों के होते हैं। अब सवाल उठता है कि एक ही देश के पासपोर्ट के रंग अलग-अलग क्यों होते हैं?

नीला- रेग्युलर और तत्काल

नीले रंग का पासपोर्ट भारत के आम नागरिकों के लिए बनाया जाता है। नीला रंग भारत को रिप्रज़ेंट करता है और इसे ऑफ़िशियल और डिप्लोमैट्स से अलग रखने के लिए सरकार ने ये अंतर पैदा किया है। ताकि कस्टम अधिकारियों व विदेश में पासपोर्ट चेक करने वालों को आइडेंटिफ़िकेशन में तकलीफ़ ना हो।

सफ़ेद- ऑफ़िशियल

सफ़ेद रंग का पासपोर्ट भारतीय गर्वनमेंट ऑफ़िशियल को रिप्रज़ेंट करता है। वो शख़्स जो सरकारी कामकाज से विदेश यात्रा पर जाता है उसे ये पासपोर्ट जारी किया जाता है। ये सफ़ेद रंग का पासपोर्ट उस ऑफ़िशियल की आइडेंटिटी के लिए होता है। इसके आवेदक को ये सफ़ेद पासपोर्ट पाने के लिए एक अलग से ऐप्लीकेशन देनी पड़ती है जिसमें बताना होता है कि आख़िर उसे इस तरह के पासपोर्ट की ज़रुरत क्यों है? इस पासपोर्ट को रखने वालों को कुछ सुविधाएं भी मिलती हैं।

मरून- डिप्लोमैटिक

भारतीय डिप्लोमैट्स और सीनियर गर्वनमेंट ऑफ़िशियल्स को मरून रंग का पासपोर्ट जारी किया जाता है। इस पासपोर्ट के लिए भी अलग से एप्लीकेशन दी जाती है। इस दौरान उन्हें एम्बेसी में ठहरने से लेकर यात्रा के दौरान तक कई सुविधाएं दी जाती हैं। मरून पासपोर्ट धारक को अलग से वीज़ा लेने की ज़रुरत नहीं पड़ती।