कुख्यात गैंगस्टर अमन साहू का एनकाउंटर, NTPC डीजीएम मर्डर केस में सामने आया था नाम

Sandesh Wahak Digital Desk: झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर अमन साहू को आज पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एनकाउंटर में मार गिराया। पुलिस के मुताबिक, अमन साहू ने एसटीएफ जवान से इंसास राइफल छीनकर भागने की कोशिश की थी। इस दौरान उसने जवान पर गोली चला दी, जिससे जवान घायल हो गया। जवाबी कार्रवाई में एसटीएफ ने उसे ढेर कर दिया। घायल जवान का नाम राकेश कुमार है, जिन्हें मेदिनीनगर के MMCH अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
गैंगस्टर अमन साहू को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर की जेल से झारखंड की राजधानी रांची लाया जा रहा था। रास्ते में पलामू के चैनपुर के पास उसने भागने की कोशिश की। इस दौरान उसने सुरक्षाबलों पर गोली चलाई। इसके बाद एसटीएफ ने जवाबी फायरिंग करते हुए उसे ढेर कर दिया। पलामू की एसपी रेशमा रमेशन ने एनकाउंटर की पुष्टि की है। मौके से दो बम भी बरामद किए गए हैं।
NTPC डीजीएम मर्डर केस में था नाम
अमन साहू का नाम हाल ही में NTPC डीजीएम मर्डर केस में भी सामने आया था। 8 मार्च को झारखंड के हजारीबाग जिले में NTPC के डीजीएम कुमार गौरव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हमलावरों ने घात लगाकर वारदात को अंजाम दिया था और मौके से फरार हो गए थे। कुमार गौरव की पीठ में गोली लगी थी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। इस हत्याकांड के तार अमन साहू से जुड़े होने की बात सामने आई थी।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार अमन साहू रांची के छोटे से गांव मतबे का रहने वाला था। वह पहले हार्डकोर नक्सली था, लेकिन करीब 2013 में उसने खुद का गैंग बना लिया। उसके खिलाफ झारखंड में रंगदारी, हत्या, और जबरन वसूली के 100 से ज्यादा मामले दर्ज थे। कोरबा में हुए गोलीकांड के बाद रायपुर पुलिस ने उसके चार गैंग सदस्यों को गिरफ्तार किया था। हाल ही में रायपुर के शंकर नगर इलाके में एक व्यापारिक साझेदार के घर के बाहर फायरिंग की घटना के बाद से पुलिस उसे गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही थी।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग से था कनेक्शन
अमन साहू का नाम कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से भी जोड़ा जाता था। सूत्रों के मुताबिक, अमन लॉरेंस को गुर्गे सप्लाई करता था और बदले में हाईटेक हथियार हासिल करता था। रायपुर के तेलीबांधा इलाके में एक बिल्डर के ऑफिस पर 13 जुलाई को हुई फायरिंग के मामले में भी अमन के गैंग का नाम सामने आया था।
Also Read: महाघोटाला पार्ट-6: मुकेश मेश्राम ने नहीं टेके घुटने, श्रीकृष्ण बन गये थे अंसल एपीआई के एजेंट