ताइवान के खिलाफ चीन की सैन्य कार्रवाई तेज! बड़े युद्धाभ्यास के जरिए दी धमकी

Sandesh Wahak Digital Desk: ताइवान को लेकर चीन का रुख लगातार आक्रामक होता जा रहा है। मंगलवार को चीन ने ताइवान के चारों ओर एक बड़ा सैन्य अभ्यास शुरू किया, जिसमें उसकी थल सेना, नौसेना, वायुसेना और रॉकेट बलों ने हिस्सा लिया। चीन के इस कदम को ताइवान की स्वतंत्रता की मांग करने वालों के खिलाफ एक सख्त चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।

चीन की सेना ने क्या कहा?

चाइनीज पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के ईस्टर्न थिएटर कमांड ने आधिकारिक बयान में कहा कि यह युद्धाभ्यास ताइवान के अलगाववादी तत्वों को स्पष्ट संदेश देने के लिए किया जा रहा है। सरकारी समाचार एजेंसी ‘शिन्हुआ’ के अनुसार, थिएटर कमांड के प्रवक्ता सीनियर कर्नल शी यी ने कहा कि इस अभ्यास का उद्देश्य समुद्री और हवाई युद्ध के लिए तैयारी करना, संयुक्त अभियानों की दक्षता बढ़ाना और प्रमुख क्षेत्रों में सैन्य शक्ति का प्रदर्शन करना है।

क्या है चीन का मकसद?

शी यी ने कहा कि यह अभ्यास ताइवान की स्वतंत्रता समर्थक ताकतों के खिलाफ एक ‘‘कड़ी चेतावनी’’ है और चीन की संप्रभुता एवं राष्ट्रीय एकता की रक्षा के लिए एक जरूरी कदम है। इस सैन्य गतिविधि के जरिए चीन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह ताइवान को मुख्य भूमि से अलग मानने को तैयार नहीं है और किसी भी अलगाववादी प्रयास को कुचलने के लिए प्रतिबद्ध है।

ताइवान पर बढ़ता दबाव

चीन ताइवान को अपना अभिन्न अंग मानता है और उसे आधिकारिक रूप से स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता नहीं देता। हाल के वर्षों में चीन ने ताइवान के खिलाफ सैन्य दबाव बढ़ाया है। अमेरिका और ताइवान के बीच बढ़ते संबंधों के बीच यह सैन्य अभ्यास महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह अभ्यास ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव की तैयारियां हो रही हैं और वैश्विक कूटनीति में ताइवान एक अहम मुद्दा बना हुआ है। बता दे, चीन के इस कदम के बाद ताइवान और पश्चिमी देशों की प्रतिक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

Get real time updates directly on you device, subscribe now.