आजम खान को इलाहाबाद हाईकोर्ट से मिली बड़ी राहत, इस मामले में गिरफ्तारी पर लगी रोक

Sandesh Wahak Digital Desk: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद आजम खान को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने 2007 में रामपुर के गंज थाने में दर्ज मुकदमे में आज़म खान की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। यह फैसला जस्टिस राजीव गुप्ता और जस्टिस राम मनोहर नारायण मिश्रा की डिवीजन बेंच ने सुनाया।

मामला क्या है?

यह मामला सरकारी जमीन पर बने एक मकान को गिराने के आरोप से जुड़ा हुआ है। वादी अफसर खान ने 2007 में इस मामले में आजम खान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। हालांकि, इस मामले में विवेचना के बाद 2007 में ही अंतिम रिपोर्ट दी गई थी, जो कि न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेंडिंग थी। इसके बाद 2017 में अफसर खान की मृत्यु हो गई और उनके बेटे जुल्फिकार खान ने 18 साल बाद, 2024 में इस अंतिम रिपोर्ट के खिलाफ प्रोस्टेट पिटीशन दायर की, जिस पर मजिस्ट्रेट ने अग्रिम विवेचना का आदेश दिया।

आजम खान की याचिका

सपा नेता आजम खान ने इस आदेश के खिलाफ अग्रिम विवेचना को रोकने और अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाने के लिए याचिका दायर की थी। उनकी तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता इमरान अल्लाह और मोहम्मद खालिद ने पक्ष रखा। वहीं सरकार की तरफ से अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने कई दलीलें पेश कीं। दोनों पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने फिलहाल आजम खान की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी।

आजम खान के अन्य विवाद

यह पहला मामला नहीं है, जब आजम खान विवादों में घिरे हैं। इससे पहले उन्हें सुप्रीम कोर्ट से भी राहत मिली थी, जब डूंगरपुर मामले में उनकी जमानत मंजूर की गई थी। इस मामले में आजम खान को एमपी-एमएलए कोर्ट ने 7 साल की सजा सुनाई थी, जिसमें गाली-गलौज, मारपीट और घर से बेदखल करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे। फिलहाल, आजम खान सीतापुर जेल में बंद हैं। इस फैसले से आजम खान को फिलहाल राहत मिली है, लेकिन उनका कानूनी संघर्ष जारी रहेगा।

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