Homeअन्यसब्जियों में पाए जाते हैं एंटी-कैंसर गुण

सब्जियों में पाए जाते हैं एंटी-कैंसर गुण

कैंसर सबसे घातक रोगों में से एक है। हर साल इस रोग के शिकार लाखों लोगों की मौत हो जाती है। अध्ययनों से पता चलता है कि पिछले दो दशक में कैंसर रोग के मामलों में तेजी से इजाफा देखा गया है। इसका प्रमुख कारण जीवनशैली और आहार में गड़बड़ी को माना जाता है।

हरी सब्जियों में पाए जाते हैं एंटी-कैंसर गुण

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक इस गंभीर स्वास्थ्य संबंधी जोखिम को कम करने के लिए हमें लगातार प्रयास करते रहने चाहिए। विशेष रूप से इसके लिए हमें अपने आहार पर ध्यान रखना आवश्यक है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक कई सारी चीजों में एंटी-कैंसर गुण मौजूद होते हैं। जिनका नियमित रूप से सेवन करना आपको कैंसर के खतरे से सुरक्षित रखने में सहायक हो सकता है। कैंसर से बचे रहने के लिए हमें अपनी जीवनशैली को भी स्वस्थ रखने पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

आइए आगे की स्लाइडों में ऐसी ही कुछ चीजों के बारे में जानते हैं, अध्ययनों में जिनके एंटी-कैंसर प्रभावों के बारे में पता चलता है। इन चीजों का सेवन कैंसर के जोखिम को कम कर सकता है।

अध्ययनों में ब्रोकली के सेवन को कैंसर रोग के खतरे को कम करन में फायदेमंद पाया गया है। ब्रोकली में सल्फोराफेन होता है, यह सब्जियों में पाया जाने वाला एक यौगिक है जिसमें शक्तिशाली एंटीकैंसर गुण होते हैं। एक टेस्ट-ट्यूब अध्ययन से पता चला है कि सल्फोराफेन, स्तन कैंसर की कोशिकाओं के आकार और संख्या को 75 फीसदी तक कम कर सकता है। इसी तरह, एक पशु अध्ययन में पाया गया कि सल्फोराफेन, प्रोस्टेट कैंसर की कोशिकाओं को नष्ट करने और ट्यूमर को खत्म करने में भी सहायक हो सकता है।

बीन्स में फाइबर की उच्च मात्रा पाई जाती है

बीन्स में फाइबर की उच्च मात्रा होती है। कुछ अध्ययनों में पाया गया है कि कोलोरेक्टल कैंसर से बचाने में बीन्स का सेवन करना फायदेमंद हो सकता है। इस बारे में जानने के लिए वैज्ञानिकों ने कोलोरेक्टल ट्यूमर हिस्ट्री वाले 1,905 लोगों पर अध्ययन किया गया। शोधकर्ताओं ने पाया कि बीन्स का नियमित रूप से सेवन करने वाले लोगों में कोलोरेक्टल कैंसर होने का जोखिम कम होता है।

गाजर खाने से भी कुछ प्रकार के कैंसर का खतरा कम होता है। अध्ययनों के विश्लेषण में वैज्ञानिकों ने पाया कि गाजर खाने से पेट के कैंसर का खतरा 26 फीसदी तक कम हो सकता है। वहीं एक अन्य अध्ययन में पाया गया कि गाजर के सेवन करने से प्रोस्टेट कैंसर होने की आशंका 18 फीसदी तक कम हो सकती है।

टमाटर में पाया जाने वाला लाइकोपीन यौगिक, एंटीकैंसर गुणों के लिए भी जाना जाता है। अध्ययन से पता चलता है कि लाइकोपीन के सेवन से प्रोस्टेट कैंसर का खतरा कम हो सकता है। अध्ययनों की समीक्षा में पाया गया कि लाइकोपीन का सेवन प्रोस्टेट कैंसर के खतरे को भी कम करने में मददगार हो सकता है।

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